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धान क्रय केंद्रों के आवंटन पर उठे सवाल, जांच की मांग

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134 केंद्रों में 76 मंडी परिसरों में, ग्रामीण क्षेत्रों में महज 58 केंद्र; किसानों ने पारदर्शिता और जरूरत के आधार पर आवंटन की उठाई मांग

शोएब खान

पीलीभीत। धान खरीद वर्ष 2026-27 के लिए जिले में 134 क्रय केंद्रों के आवंटन के बाद चयन प्रक्रिया को लेकर सवाल उठने लगे हैं। किसानों का आरोप है कि कई केंद्र ऐसे लोगों को आवंटित किए गए हैं, जिनकी क्रय एजेंसियों के कार्यालयों में तैनात कर्मचारियों से नजदीकी बताई जा रही है। हालांकि, इन आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। किसानों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है।

 जिले में धान खरीद के लिए कुल 134 क्रय केंद्र प्रस्तावित किए गए हैं। इनमें 76 केंद्र मंडी परिसरों में और 58 केंद्र मंडियों के बाहर रखे गए हैं। किसानों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में धान उत्पादक किसान हैं और उन्हें गांवों के नजदीक खरीद केंद्रों की जरूरत रहती है। ऐसे में मंडियों के बाहर केंद्रों की संख्या कम होने से किसानों को धान बेचने के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ सकती है।


एक व्यक्ति को कई केंद्र मिलने की चर्चा

क्रय केंद्रों के आवंटन को लेकर किसानों के बीच यह चर्चा भी है कि कुछ रसूखदार लोगों को एक से अधिक केंद्र आवंटित किए गए हैं। कलीनगर क्षेत्र में एक व्यक्ति को आधा दर्जन से अधिक केंद्र मिलने की बात भी सामने आ रही है। यदि ऐसा है तो एक ही व्यक्ति को कई केंद्र आवंटित किए जाने के आधार और उसकी पात्रता की जांच जरूरी है।

किसानों का कहना है कि केंद्र आवंटन की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी होनी चाहिए। आवेदन करने वाले सभी लोगों की पात्रता, उनके अनुभव, उपलब्ध संसाधन, प्रस्तावित केंद्र का स्थान और आवंटन के आधार को सार्वजनिक किया जाए, ताकि किसी तरह की शिकायत की गुंजाइश न रहे।

स्वतंत्र जांच की मांग

किसानों ने जिलाधिकारी ज्ञानेंद्र सिंह से मांग की है कि क्रय एजेंसियों के स्तर से होने वाली जांच के बजाय किसी स्वतंत्र अधिकारी या दूसरे विभाग के माध्यम से केंद्र आवंटन की जांच कराई जाए। किसानों का कहना है कि आवेदन करने वालों की सूची, पात्रता, आवंटित केंद्र, एक व्यक्ति को मिले केंद्रों की संख्या और चयन के आधार की जांच होने पर स्थिति स्पष्ट हो सकती है।

धान खरीद अक्तूबर से शुरू होनी है। ऐसे में किसानों का कहना है कि खरीद शुरू होने से पहले केंद्रों के आवंटन की समीक्षा कर वास्तविक जरूरत वाले ग्रामीण क्षेत्रों में केंद्र बढ़ाए जाएं, जिससे किसानों को अपनी उपज बेचने में परेशानी न हो।

एक व्यक्ति को दो से अधिक केंद्र आवंटित नहीं हो सकते हैं। अभी क्रय केंद्र प्रभारियों की तैनाती भी नहीं हुई है। अगर कहीं गड़बड़ी है तो उसकी जांच की जाएगी।-  प्रज्ञा शर्मा, डिप्टी आरएमओ, पीलीभीत

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